कच्चे तेल के बाद अब LNG जमा कर रहा है चीन, फरवरी से चार गुना बढ़ गया आयात, क्या माजरा है?
Updated on
27-07-2026 03:40 PM
नई दिल्ली: अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इससे दुनिया भर में हाहाकार मच गया था। कच्चे तेल की कीमत कई महीनों तक 100 डॉलर के पार रही थी। लेकिन चीन पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसकी वजह यह थी कि उसने ईरान युद्ध से पहले जमकर कच्चा तेल खरीदा था और संकट के दौरान उसका इस्तेमाल किया। अब एक बार फिर चीन ने एलएनजी का आयात करने शुरू कर दिया है।हाल के दिनों में चीन का लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) का इंपोर्ट तेजी से बढ़ा है। 19 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में चीन में साप्ताहिक LNG डिलीवरी में 137% की बढ़ोतरी हुई और यह लगभग 2 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गई। यह पिछले 22 महीनों में सबसे ज्यादा है। फरवरी के मध्य से चीन का LNG इंपोर्ट चार गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। पिछले हफ्ते फरवरी 2025 के बाद पहली बार अमेरिका से एलएनजी कार्गो चीन पहुंचा।कहां से आ रही है गैस?
जून में चीन का एलएनजी आयात पिछले साल के मुकाबले 8.3% की बढ़ोतरी के साथ 5.68 मिलियन टन रहा। लगातार दूसरे महीने इसमें तेजी आई है। इस बीच, जुलाई में अब तक चीन के LNG इंपोर्ट में ऑस्ट्रेलिया की हिस्सेदारी 43% रही। यह मलेशिया, रूस और कतर से कहीं ज्यादा है। साफ है कि चीन तेजी से LNG का स्टॉक जमा कर रहा है।
चीन की एलएनजी स्टोरेज क्षमता 25.4 मिलियन क्यूबिक मीटर है। देश के तटीय इलाकों में 100 से ज्यादा तटीय टैंक हैं। साथ ही चीन अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए तेजी से अपना इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहा है। इसमें राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 270,000 से 240,000 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले अल्ट्रा-लार्ज टैंक शामिल हैं। चीन दुनिया में एलएनजी का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। वह चीन खाड़ी देशों पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है और रूस से पाइपलाइन आपूर्ति बढ़ा रहा है।