
इस फोरलेन बायपास की लंबाई 41 किमी प्रस्तावित थी। अब इसे 35.61 किमी कर दिया गया है। यह नया मार्ग भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर मंडीदीप के पास से शुरू होगा और कोलार, रातीबड़ होते हुए इंदौर मार्ग पर फंदा कला के पास जाकर जुड़ेगा।
इस बायपास के बनने से जबलपुर और नर्मदापुरम की ओर से आने वाला ट्रैफिक शहर के भीतर प्रवेश किए बिना सीधे इंदौर रोड की तरफ निकल जाएगा, जिससे वाहन चालकों का करीब 1 घंटा समय और 23 किमी की दूरी बचेगी। करीब 2900 करोड़ रुपए लागत आएगी।
जानकारी के अनुसार, प्रोजेक्ट को दस लेन के हिसाब से बनाया जा रहा है। इसमें से सिक्स लेन के स्ट्रक्चर पर फोर-लेन बनेगा। साथ ही इसके दोनों तरफ 2-लेन की सर्विस रोड भी बनेगी। इस पर एक रेलवे ओवर ब्रिज, दो फ्लाईओवर, 15 अंडर पास और दो बड़े जंक्शन बनेंगे।
प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर बनेगा। इसमें प्रोजेक्ट कॉस्ट की 40 प्रतिशत राशि पांच किश्तों में दी जाएगी। शेष 60 फीसदी राशि सड़क बनने के बाद 15 वर्षों तक मिलेगी।
राह आसान... डेढ़ घंटे का सफर 45 मिनट से कम में पूरा होगा
अफसरों के मुताबिक पश्चिमी बायपास बनने से करीब डेढ़ घंटे का सफर 45 मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा। जबलपुर या नर्मदापुरम से आने वाले लोगों को इंदौर जाने में 25 किमी कम दूरी तय करनी होगी। आधा से एक घंटा समय भी बचेगा।
वाहन मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र या भोपाल शहर के बीच से नहीं जाएंगे। भोपाल (मंडीदीप) और इंदौर (पीथमपुर) के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच अच्छी कनेक्टिविटी के साथ जबलपुर और नर्मदापुरम से आने वाले लोगों को इंदौर से सीधा जुड़ाव मिलेगा।