
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत इसके लिए थर्ड ईयर तक न्यूनतम 7.5 सीजीपीए जरूरी है। रिजल्ट नहीं आने से छात्रों को अपना सीजीपीए पता नहीं है, जबकि नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू हो चुकी हैं।
प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. आनंद शर्मा के मुताबिक समय पर रिजल्ट नहीं आने से प्रवेश प्रक्रिया प्रोविजनल व्यवस्था पर चल रही है। उच्च शिक्षा विभाग शैक्षणिक कैलेंडर जारी करता है, लेकिन उसका समय पर पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता। ऐसे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत किए गए बदलावों का लाभ विद्यार्थियों को समय पर नहीं मिल पाता। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
एमवीएम की प्राचार्य डॉ. गीता मोदी के अनुसार पीजी प्रवेश और प्रमोशन से जुड़े अधिकांश काम भी प्रोविजनल आधार पर किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों में अनिश्चितता बनी है और कॉलेज प्रशासन को भी दैनिक कामकाज में परेशानी हो रही है। रिजल्ट में देरी के कारण छात्र फोर्थ ईयर का विकल्प तय नहीं कर पा रहे हैं, वहीं अन्य उच्च अध्ययन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को दिक्कत आ रही है।
रिसर्च विद ऑनर्स के लिए ले रहे शपथ पत्र
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी साइंस एवं कॉमर्स कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शालिनी सक्सेना ने बताया कि जो छात्र फोर्थ ईयर में 'रिसर्च विथ ऑनर्स' चुनना चाहते हैं, उनसे शपथ पत्र लेकर प्रोविजनल प्रमोट किया जा रहा है। यदि रिजल्ट आने के बाद किसी छात्र का 7.5 सीजीपीए नहीं बन पाता है, तो उसे रिसर्च विथ ऑनर्स की जगह चार वर्षीय साधारण ऑनर्स कोर्स ही करना पड़ेगा।
समय पर परिणाम घोषित हो जाते, तो दुविधा की स्थिति पैदा नहीं होती। यूजी अंतिम वर्ष के रिजल्ट 10 जून तक घोषित होने चाहिए थे। रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह का कहना है कि बीएससी थर्ड ईयर का रिजल्ट सोमवार को जारी कर दिया जाएगा। बी ए थर्ड ईयर का रिजल्ट दो दिन बाद जारी होगा।