
इससे पहले पटवारी राजभवन (लोकभवन) के सामने धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठा लिया। कुछ देर बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया।
रात 11.30 बजे कांग्रेस विधायकों ने धरना खत्म किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब बुधवार को विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरेंगे। उनसे माफी की मांग करेंगे।
इससे पहले विधानसभा पहुंचे पटवारी ने कहा, “मुझे अपने विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के फैसले पर गर्व है। छात्रों को देशद्रोही और राजद्रोही कहने वाले मंत्री को माफी मांगनी होगी। जब तक माफी नहीं मांगी जाती, कांग्रेस विधायक धरने से नहीं उठेंगे। पार्टी उनके इस फैसले के साथ है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले ही असली देशद्रोही हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ विरोध
दिल्ली में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया।
विधानसभा में CM कक्ष के बाहर धरना जारी
विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ विधायक विरोध जताने के लिए फर्श पर भी लेट गए। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने धरना खत्म कराने की कोशिश की, लेकिन विधायक नहीं माने। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की।