'मोदी ने जोर से हाथ मिलाकर फूला दी थी ट्रंप की सांस', पूर्व अमेरिकी NSA ने याद किया दोनों नेताओं की मुलाकात का किस्सा
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12-10-2026 12:56 PM
वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जॉन बोल्टन ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसा है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खुद को बहुत ताकतवर बताने वाले बयानों का मजाक उड़ाया है। बोल्टन ने कहा है कि ट्रंप सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और खुद को दुनिया में शक्तिमान दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि एक दफा तो नरेंद्र मोदी मोदी ने कथित तौर पर हाथ मिलाकर ही उनकी सांस फूला दी थी।डोनाल्ड ट्रंप के पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे जॉन बोल्टन ने एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप से नरेंद्र मोदी की एक मुलाकात को याद किया है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार डोनाल्ड ट्रंप से इतनी जोर से हाथ मिलाया कि उनकी सांस फूल गई। इससे पता चलता है कि मोदी असल में कितने मजबूत हैं और ट्रंप की क्या स्थिति है।'ट्रंप पर हमलावर हैं बोल्टन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने हालिया महीनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति, विशेष रूप से भारत और दक्षिण एशिया को लेकर उनकी नीतियों की कड़ी आलोचना की है। वह खुलकर ये कहते रहे हैं कि भारत से दूरी बनाना अमेरिका की बड़ी भूल है। सितंबर 2019 में डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें NSA के पद से बर्खास्त किया था।जॉन बोल्टन ने बीते महीने एक बयान में कहा था कि रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर प्रतिबंध लगाकर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी गलती की है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने सीधे रूस या चीन को निशाने पर नहीं लिया है जबकि भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप सिर्फ व्यापार के बारे में बात कर रहे हैं और ऐसा कर भविष्य की बड़ी रणनीतिक तस्वीर खो रहे हैं।G2 पर भी भड़के बोल्टन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के G2 (अमेरिका-चीन की साझेदारी) बयान पर भी जॉन बोल्टन एतराज जता चुके हैं। अमेरिका के पूर्व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर बोल्टन ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन जिस तरह से भारत को नंजरअंदाज कर रहा है और चीन से करीबी चाहता है, वह अमेरिकी हितों के लिए अच्छा नहीं है।
अमेरिका-चीन सहयोग (G2) पर हुए सवाल का जवाब देते हुए जॉन बोल्टन ने कहा कि यह भारत को खतरनाक तरीके से दरकिनार करना है। इंडो-पैसिफिक इलाके में दबदबा बनाने की चीन की महत्वाकांक्षा एक बड़ा मुद्दा है, इसीलिए भारत और अमेरिका के बीच करीबी रिश्ते बहुत जरूरी हैं। अमेरिका के लिए भारत को दूर करना ठीक नहीं है।