बड़े निवेश को मंजूरी
टाटा ग्रुप की कंपनी के बोर्ड ने साथ ही नीलाचल इस्पात निगम की क्षमता को 4.8 मिलियन टन तक बढ़ाने के लिए 33,873 करोड़ रुपये के बड़े निवेश को भी मंजूरी दे दी है। ओडिशा के इस प्लांट को सरकार से प्राइवेटाइजेशन सेल के जरिए खरीदा गया था और अब इसे एक विलय प्रक्रिया के जरिए टाटा स्टील में मिलाया जा रहा है। कंपनी ने कहा कि क्षमता बढ़ने से उसके 'लॉन्ग प्रोडक्ट्स' पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी, क्योंकि इसके ब्रांडेड रिटेल प्रोडक्ट्स की मांग बहुत ज्यादा है।मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टाटा स्टील का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर 2,385 करोड़ रुपये हो गया जबकि ऑपरेशन से होने वाला रेवेन्यू 15% बढ़कर 60,412 करोड़ रुपये रहा। जून तिमाही के दौरान कंपनी ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) पर 3,579 करोड़ रुपये खर्च किए।

