
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास दिलाया कि सरकार हर हाल में अपने व्यापारियों, स्थानीय निवासियों और प्रशासनिक पक्ष सभी पहलुओं पर गहराई से विचार करते हुए बेहतर से बेहतर समाधान निकालेगी। उन्होंने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करेगी और इस बात की पूरी अपेक्षा है कि भोपाल की वर्षों पुरानी इस जटिल समस्या का कोई स्थाई व सकारात्मक समाधान निकल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में भोपाल नगर निगम द्वारा रिहायशी क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सीलिंग और नोटिस जारी करने की सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के कारण शहर के व्यापारी वर्ग में गहरा असंतोष, चिंता और विरोध देखा जा रहा है। अब इस पूरे मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 15 सितंबर को होनी तय हुई है।