नेतन्याह के निशाने पर ममदानी की पत्नी
नेतन्याहू ने इस विवाद में मेयर ममदानी की पत्नी रामा दुवाजी को भी घसीट लिया। इजरायली प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि रामा दुआजी ने सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट्स को लाइक किया था, जिनमें 7 अक्टूबर के हमले की तारीफ की गई थी और तेल अवीव को खत्म करने की बात कही गई थी।नेतन्याहू ने कहा, "आपकी पत्नी को 7 अक्टूबर के नरसंहार की तारीफ करने वाली पोस्ट पसंद आती थीं। उन्हें एक और पोस्ट भी पसंद आई थी जिसमें कहा गया था कि तेल अवीव का अस्तित्व नहीं होना चाहिए। आपने इनमें से किसी भी बात की आलोचना करने से इनकार कर दिया। आप बार-बार और झूठे तौर पर इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगाते हैं।"
न्यूज आउटलेट ज्यूइश इनसाइडर के अनुसार, दुवाजी ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के दौरान शेयर की गई पोस्ट को लाइक किया था। इनमें से एक पोस्ट में इजरायली सीमा में फिलिस्तीनियों के घुसने को रंगभेद की दीवारें तोड़ने जैसा बताया गया था।
गाजा में नरसंहार के आरोपों को बताया झूठ
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को दुनियाभर के नेताओं के सामने दिए आक्रामक भाषण में इजराइल पर गाजा में नरसंहार करने के आरोपों को “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया। नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इजराइल के अधिकार का भी पुरजोर बचाव किया और कहा कि इस इस्लामिक देश पर हमला करना उनके द्वारा लिए गए ‘‘सबसे आसान फैसलों में से एक” था।महासभा में नेतन्याहू का भारी विरोध
संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के दौरान नेतन्याहू को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उनका भाषण शुरू होने से पहले 75 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि उठकर चले गए। नेतन्याहू ने मंच पर पहुंचते ही सदन से बाहर निकले प्रतिनिधियों को “नैतिक रूप से कायर” करार दिया। उन्होंने कहा, “इजराइल अपनी रक्षा करते हुए उन कई देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि अभी इस सदन से बाहर चले गए। मैं चाहता हूं कि आप यह भी जानें कि इनमें से कई देशों के नेता ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए निजी तौर पर हमें धन्यवाद देते हैं।”नेतन्याहू के मंच की ओर बढ़ते ही सदन में उनके समर्थन और विरोध में नारे लगने और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि बाहर निकल गए। इसके बाद महासभा की अधिकांश सीटें खाली नजर आईं। महासभा के अध्यक्ष खलील उर रहमान ने बार-बार कहा, “कृपया सदन में व्यवस्था बनाए रखें।”

