धनतेरस से एक दिन पहले आज 5 नवंबर को सेंसेक्स 1500 अंक या 1.90% चढ़कर 78,800 पर पहुंच गया। इसे तेजी से निवेशकों की दौलत ₹8 लाख करोड़ से ज्यादा बढ़ गई।

निफ्टी में भी 400 अंक या 1.80% की तेजी है, ये 24,400 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी ने 4 सितंबर के बाद पहली बार 24 हजार का आंकड़ा पार किया।

बाजार में तेजी की 5 वजह

1. अमेरिकी चुनाव में ट्रम्प की हार: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार और संसद (कांग्रेस) पर डेमोक्रेट्स का कब्जा होने के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प पर दबाव बन गया है।

सैन्य अभियानों का बजट पास कराने में अब परेशानी आएगी। इससे ट्रम्प के लिए ईरान युद्ध को आगे खींचना मुश्किल होगा। उन्हें कूटनीतिक रास्ते से ईरान जंग को खत्म करना पड़ सकता है।

दुनियाभर में टैरिफ लगाने जैसे एकतरफा फैसले भी ट्रम्प आसानी से नहीं ले पाएंगे। जब ट्रेड वॉर का खतरा कम होगा, तो दुनियाभर का कारोबार शांति से चल सकेगा और अनिश्चितता खत्म होगी।

2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: ब्रेंट क्रूड टूटकर 94 डॉलर और अमेरिकी WTI क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता। इसलिए भारत जैसी इकोनॉमी के लिए कच्चा तेल सस्ता होना पॉजिटिव संकेत हैं।

3. कंपनियों के अच्छे तिमाही नतीजे: सितंबर तिमाही के मजबूत नतीजों से सेंटिमेंट सुधरा है। रिलायंस, इंफोसिस और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है।

4. डॉलर में कमजोरी की उम्मीद: जब भी डॉलर सस्ता होता है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों में जमकर पैसा लगाते हैं। इससे सेंसेक्स-निफ्टी तेजी से ऊपर चढ़ रहे हैं।

5. विदेशी निवेशकों की खरीदारी: 7 दिन में ₹21,000 करोड़ के शेयर खरीदे


शेयर बाजार में तेजी का 6वां दिन

शेयर बाजार में तेजी का आज लगातार छठवां दिन है। 28 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर के दौरान सेंसेक्स 73,246 से उछलकर 79,000 के स्तर पर पहुंच गया है।

इससे पहले 15 अक्टूबर को बाजार 1533 अंक चढ़कर बंद हुआ था। वहीं 8 अप्रैल को सेंसेक्स 2,946 अंक चढ़ा था जो इस साल की सबसे बड़ी बढ़त है।