
विदर्भ के अनुभवी बल्लेबाज फैज फजल ने साल 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था। अपने डेब्यू मुकाबले में ही फजल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 55 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी। भारत ने वह मैच 10 विकेट से आसानी से जीता भी था। हालांकि, इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद फजल को दोबारा कभी भारत की वनडे या टी20 टीम में मौका नहीं मिला और उनका इंटरनेशनल करियर इसी इकलौते मैच पर थम गया।
उत्तर प्रदेश के तेज गेंदबाज सुदीप त्यागी को उनकी बेहतरीन गति और स्विंग गेंदबाजी के दम पर साल 2009 में राष्ट्रीय टीम में जगह मिली थी। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। इस मैच में त्यागी ने 63 रन देकर कोई विकेट हासिल नहीं किया था। इसके बाद टीम के पेस अटैक में बढ़ती जंग और बार-बार की फिटनेस समस्याओं के चलते उन्हें कभी दोबारा भारत की नीली जर्सी पहनने का अवसर नहीं मिल सका।
रोबिन सिंह जूनियर
बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रोबिन सिंह जूनियर ने साल 1999 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न के ऐतिहासिक मैदान पर अपना एकमात्र वनडे मुकाबला खेला था। डेब्यू मैच में गेंदबाजी के दौरान वे काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने अपने 7 ओवरों में 51 रन लुटाए, जबकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें तुरंत टीम से बाहर कर दिया और वे कभी दोबारा टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाए।
पंजाब के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज पंकज धर्माणी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बल पर साल 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जयपुर में अपना एकमात्र वनडे मैच खेला था। इस मैच में उन्हें छठे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला, जहां वे केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद नयन मोंगिया की वापसी के चलते धर्माणी को दोबारा कभी भारतीय टीम में खेलने का अवसर नहीं मिल सका।