अमेठी: प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक सरोकार और निशानेबाजी के मैदान में अचूक सटीक लक्ष्य- ये पहचान है उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी और अमेठी के डीएम संजय चौहान की। 15 अप्रैल, 2025 से अमेठी डीएम के पद पर तैनात संजय चौहान ने अपनी कार्यशैली, जमीनी फैसलों और प्रशासनिक कड़ाई से लेकर अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों से एक विशिष्ट छवि बनाई है।संजय चौहान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा के रहने वाले हैं। वह एक किसान परिवार से आते हैं और इनके पिता स्वयं एक कृषि वैज्ञानिक रहे हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग (कृषि इंजीनियरिंग) में स्नातक की डिग्री हासिल की। संजय चौहान ने अपनी कड़ी मेहनत व लगन से सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की और जनता के सेवा का करियर चुना। आज उनकी कृषि इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सीधा फायदा जिले के किसानों को मिल रहा है।कृषि और जनसुनवाई में अभिनव प्रयोग
डीएम के रूप में संजय चौहान ने परंपरागत खेती के साथ-साथ किसानों को व्यावसायिक व नकदी फसलों, जैसे कि ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया है। उनके निर्देशन में जिले में जनसुनवाई मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय किया गया, जिससे आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ है। अपनी सहजता और पारदर्शी व्यवहार के कारण वे स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सफलता
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में डीएम संजय चौहान के नेतृत्व में अमेठी जिला प्रशासन ने बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया। 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए गए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान के तहत जिले में 7,681 बालिकाओं का सफल टीकाकरण कराया गया। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) के 28वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डीएम संजय चौहान के कार्यो की तारीफ भी की।