किसे होगा फायदा?
बैंकों के लिए यह डील और भी फायदेमंद है। थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप्स अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उन बैंकों को भी देंगे जो ट्रांजैक्शन प्रोसेस करते हैं। प्रोसेसिंग बैंक को हिस्सा मिलेगा। साथ ही मर्चेंट की तरफ से ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने वाले बैंक को भी हिस्सा मिलेगा। बैंक नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को भी थोड़ी इंटरचेंज फीस देते हैं। कुल मिलाकर एमडीआर की रकम को सात हिस्सेदारों में बांटी जाएगी।टीओआई के मुताबिक पाइन लैब्स के CEO अमरीश राव ने कहा, "इस सेक्टर को लंबे समय से ऐसे सेक्टर के तौर पर देखा जाता रहा है जहां क्लियर मोनेटाइजेशन के बिना बड़े पैमाने पर काम किया गया है। UPI के लिए कमाई का एक सस्टेनेबल मॉडल इस सोच को बदल देगा, इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ाएगा और फिनटेक इकोसिस्टम को जबरदस्त बढ़ावा देगा।"

