मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर आदिवासी, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग को झूठे वादों से बहलाने का आरोप लगाया। सीएम हाउस में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस की तैयारियों को लेकर हुई जनजातीय जनप्रतिनिधियों की बैठक में उन्होंने सांप-नेवले की लड़ाई का किस्सा सुनाते हुए कांग्रेस पर तंज कसा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति सांप-नेवले की लड़ाई दिखाने के नाम पर लोगों को इकट्ठा करता था, लेकिन लड़ाई कराने के बजाय मंजन बेचकर चला जाता था। कांग्रेस भी इसी तरह रोज लोगों को बेवकूफ बनाती है।

स्कूल के बाहर 150 लोग जुटे, मंजन बेचकर चला गया मदारी

मुख्यमंत्री ने अपने स्कूल के दिनों का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि बुधवारे हाट में एक व्यक्ति डमरू बजाकर सांप-नेवले की लड़ाई दिखाने का दावा करता था। उसकी बात सुनकर करीब 150 लोग जमा हो गए। लेकिन वह लड़ाई कराने के बजाय सांप-नेवले के दांतों की मजबूती बताने लगा और अच्छे दांतों के लिए मंजन बेचने लगा। लोग मंजन खरीदकर चले गए, लेकिन लड़ाई नहीं हुई।


मुख्यमंत्री ने बताया कि जब उन्होंने उस व्यक्ति से पूछा कि सांप-नेवले को कब लड़ाएगा, तो उसने कहा- “तुम अभी समझते नहीं हो, मेरे को तो कल फिर मंजन बेचना है। मैं तो रोज ही ऐसा बोलता हूं, इसको थोड़ी लड़ाता हूं। ये मेरे रोज की दुनिया है।”

कांग्रेस केवल बोलती है, आदिवासी अंचल का भला नहीं करती

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस किस्से का मतलब उन्हें आज कांग्रेस को देखकर समझ आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न राष्ट्रपति बनाती है, न भारत सरकार में मंत्री बनाती है और न ही आदिवासी अंचल का भला करती है। वह केवल बोलती है और लोगों को झूठे वादों में उलझाए रखती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों में पक्के मकान, सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। पीएम जनमन योजना के जरिए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के गांवों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। गरीबों को पक्का मकान, भोजन और बच्चों की पढ़ाई की सुविधा देना ही रामराज्य की अवधारणा है।

बिरसा मुंडा जयंती पर तीन दिन होंगे आयोजन

मुख्यमंत्री ने बताया कि बिरसा मुंडा जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 14, 15 और 16 नवंबर को प्रदेश में तीन दिन आयोजन होंगे।

14 नवंबर को जबलपुर, 15 नवंबर को धार और 16 नवंबर को खंडवा में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन इस तरह होंगे कि पूरा देश जनजातीय समाज के गौरव और योगदान को देख सके।

जनजातीय नायकों के नाम पर विश्वविद्यालय और संस्थान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने जनजातीय नायकों के सम्मान में विश्वविद्यालय और संस्थान स्थापित किए हैं। रानी दुर्गावती की 300वीं जयंती पर जबलपुर में कैबिनेट बैठक की गई। राजा भभूत सिंह के नाम पर पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का नामकरण किया गया। उन्होंने भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय का भी उल्लेख किया।

जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। शहडोल में 4 हजार करोड़ रुपए की लागत से टीएमटी सरिया फैक्ट्री स्थापित की जा रही है। मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में मेडिकल और आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों का भी उल्लेख किया। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय संगठक वी. सतीश, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी, केंद्रीय मंत्री डीडी उइके, सावित्री ठाकुर, फग्गन सिंह कुलस्ते सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

मध्य प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस के जरिए भाजपा जनजातीय समाज के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की तैयारी में है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को प्रदेश के आखिरी गांव तक बड़े स्तर पर मनाने की रणनीति बनाई गई है।

इसे लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय मंत्रियों, प्रदेश अध्यक्ष, सांसदों और विधायकों की मौजूदगी में आयोजन की रूपरेखा तय की गई है।


11 से 18 नवंबर तक होंगे आयोजन

जनजातीय गौरव सप्ताह का आयोजन 11 से 18 नवंबर तक व्यापक सामाजिक स्वरूप में किया जाएगा। इसमें 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम होगा। भाजपा की योजना जनजातीय समाज की अस्मिता, संस्कृति, परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और विकास से जुड़े विषयों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित करने की है।


जनजातीय गौरव सप्ताह का उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2021 में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया था। इस वर्ष आयोजन को 11 से 18 नवंबर तक व्यापक सामाजिक स्वरूप देने की योजना है, जिसमें 15 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम होंगे।

कार्यक्रमों में जनजातीय समाज की अस्मिता, कला, संस्कृति और विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, रोजगार, स्वावलंबन और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की घोषणा भी की जा सकती है। आयोजन के माध्यम से जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, पारंपरिक ज्ञान और भगवान बिरसा मुंडा के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास होगा।

निर्देशों के अनुसार, जनजातीय गौरव सप्ताह के दौरान प्रदेश के सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। प्रार्थना सभाओं में जनजातीय समाज की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, पारंपरिक ज्ञान और भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर चर्चा होगी। विद्यार्थियों को जोड़ने के साथ साहित्य वितरण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

जनजातीय नायकों के नाम पर होंगे सार्वजनिक स्थलों के नामकरण

जनजातीय गौरव सप्ताह के दौरान प्रदेश के शहरों में भवन, सड़क, सर्किल, पार्क और चौराहों का नामकरण जनजातीय नायकों के नाम पर किया जा सकता है। प्रत्येक शहर के एक पार्क में जनजातीय नायक-नायिकाओं की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी है।